झारखंड में माओवादियों का पीएलजीए सप्ताह शुरू, पुलिस सतर्क

रांची। भाकपा माओवादियों का पीपुल्स लिबरेशन ऑफ गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) सप्ताह शुरू हो गया है। आशंका जताई गई है कि छह दिनों तक चलने वाले पीएलजीए सप्ताह के दौरान नक्सली किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। नक्सलियों के विध्वंसक कार्रवाई की आशंका को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी को अलर्ट जारी किया है।

आईजी अभियान एवी होमकर ने सभी जिलों के एसपी को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। जिलों के एसपी को यह निर्देश दिया गया है कि वह कोबरा, जगुआर और केंद्रीय पारा मिलिट्री फोर्स के साथ रणनीति बनाकर माओवादियों के मूवमेंट पर नजर रखे और उसे रोकने का काम करें।

नक्सलियों के पूर्व की घटना को देखते हुए रेलवे नक्सलियों का हमेशा टारगेट रहा है। इसे देखते हुए रेलवे लाइन पर विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई है। साथ ही रेलवे के साथ केंद्र और राज्य के प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए भी जरूरी एहतियाती कदम उठाने के निर्देश जारी किए गए हैं। पुलिस मुख्यालय की ओर से माओवादी गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए सीआरपीएफ, एसएसबी, आरपीएफ, सीआईएसएफ के साथ समन्वय स्थापित करने का भी निर्देश दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि नक्सली भाकपा माओवादियों के ईस्टर्न रीजनल ब्यूरो कमेटी के सचिव सचिव और पोलित ब्यूरो सदस्य प्रशांत बोस उर्फ किशन दा की गिरफ्तारी से नक्सली बौखलाए हुए हैं। वह झारखंड में किसी बड़े हमले को अंजाम देकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाहते हैं। पीएलजीए सप्ताह के दौरान नक्सलीअपने प्रभाव वाले जिलों में विध्वंसक घटना को अंजाम दे सकते हैं। खासकर केंद्रीय प्रतिष्ठानों, रेलवे को निशाना बनाया जा सकता है।

पीएलजीए सप्ताह के दौरान सुरक्षाबलों के कैंप, थाने, पिकेट, पोस्ट, गश्ती या एस्कार्ट वाहन को टारगेट कर सकते हैं। साथ ही सरकार या गैर सरकारी प्रतिष्ठान, अंचल कार्यालय, बैंक, वन विभाग के कार्यालय, विकास योजनाओं, संचार सेवाओं को निशाना बनाया जा सकता है। कोल साइडिंग, कोल डंप और खनन इलाकों में विशेष एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सभी महत्वपूर्ण रेलवे लाइन, रेलवे साइडिंग, स्टेशनों पर भी नजर रखने का निर्देश दिया गया है।

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