भारत के लिए क्या लेकर आ रहा है साल 2022

वर्ष 2022 के संभावित बदलाव और परिवर्तन

नया साल के करीब आते ही लोग अपने भविष्य के बारे में जानने के लिए और ज्यादा उत्सुक और जिज्ञासु हो गये हैं। बहुत से लोगों के मन में यह भी सवाल घूम रहा होगा कि वर्ष 2022 भारत के लिए कैसा रहने वाला है? यह सवाल इसलिए भी उमड़ना लाजमी है, क्योंकि बीते करीब दो सालों से कोरोना वायरस ने भारत को ऐसे मोड़ पर ला दिया है, जिसके बारे में कोई भी तैयार नहीं था। आज के विशेष में प्रस्तुत है •ाारत के बारे में 2022 की भविष्यवाणी। यह पूरी सामग्री देश के जाने-माने ज्योतिषों की टीम ने तैयार की है।
वर्ष 2022 पर शनि ग्रह का शासन होने वाला है और यदि हम इस साल का जोड़ देखें, तो यह बनता है अंक 6 (2+0+2+2= 6)। ऐसे में संभावना बन रही है कि इस साल महिलाओं का शासन रहने वाला है। इस साल ढेरों शादियों की भी संभावना है। वहीं बात अगर वैश्विक महामारी की करें, तो महामारी का असर 2022 के अंत तक देखने को मिल सकता है।

वर्ष 2022 के संभावित बदलाव और परिवर्तन
वर्ष 2022 में मई महीने में मीन राशि में बृहस्पति का गोचर होने वाला है और राहु और केतु का गोचर मेष और तुला राशि में होगा। वहीं शनि ग्रह अप्रैल 2022 से लेकर जुलाई 2022 तक कुंभ राशि में रहने वाले हैं। इन सभी कारणों की वजह से वर्ष 2022 की पहली छमाही बहुत ज्यादा अनुकूल नहीं रहने वाली है। इस दौरान देश में कई अहम उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। जुलाई 2022 तक यानी कि, सरल शब्दों में कहें तो इस नये साल की पहली छमाही तक स्वास्थ्य से संबंधित समस्याएं और नये वायरस से जुड़ी दिक्कतें लोगों को परेशान कर सकती हैं। हालांकि जुलाई 2022 के बाद देश की स्थिति में सुधार देखने को मिल सकता है। वहीं देश की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो यह 2022 के अंत तक देखने को नसीब होगा। अगस्त 2022 के बाद नये तकनीकी विकास संभव हो सकते हैं। इस समय तक बृहस्पति शनि का संयोग खत्म हो चुका होगा और इसके बाद ग्रहों का कोई बड़ा संयोग नहीं होने वाला है। अप्रैल 2022 में बृहस्पति का गोचर मीन राशि में होगा और यह 2023 तक इसी स्थिति में रहने वाला है। बृहस्पति के इस गोचर से देश की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
ज्योतिषीय तथ्य और घटना
इस वर्ष साल की शुरूआत यानी जनवरी 2022 में शुक्र और शनि का संयोग या युति होने वाली है। इसे एक अच्छा संयोग माना जा सकता है, क्योंकि इससे नौकरी की संभावनाएं बढ़ेंगी और अधिक मात्रा में धन प्राप्त करना संभव होगा। लड़की शिशुओं का जन्म ज्यादा होगा। इसके अलावा करियर से संबंधित विदेश यात्रा की संभावना प्रबल है और ऐसे मौके समृद्धि प्रदान करने वाले साबित होंगे।
जनवरी 2022 के दौरान शुक्र और शनि की युति के चलते चांदी की कीमतों में इजाफा देखने को मिलेगा। साथ ही हीरे अधिक मात्रा में उपलब्ध होंगे और साथ ही नयी तकनीक भा उपलब्ध होगी। वर्ष 2022 के दौरान कन्या विवाह की दर में वृद्धि देखने को मिल सकती है।
वर्ष 2022 में राजनीति में आयेंगे क्या बदलाव?
जहां तक बात वर्ष 2021 की करें, तो राजनीति के क्षेत्र में इस साल बेहद ही उतार-चढ़ाव वाली स्थिति देखने को मिली थी। वहीं इसके विपरीत साल 2022 राजनीति के लिहाज से अनुकूल रहने वाला है। विशेष तौर पर जुलाई 2022 के बाद का समय सरकार द्वारा अच्छाई के लिए नयी नीति और परिवर्तन तैयार किये जायेंगे।
जुलाई 2022 के बाद सरकार हर क्षेत्र के लिए नीतियों के संबंध में राजनीतिक मोर्चे पर जुर्माने के फैसले ले सकती है। सरकार स्वास्थ्य मोर्चे और वायरस के संबंध में जुलाई 2022 के बाद और अधिक जन जागरूकता पैदा कर सकती है और इसके लिए मुमकिन है कि सरकार कोई अलग नीति भी बना दे।
वर्ष 2022 के लिए महत्वपूर्ण भविष्यवाणी
वर्ष 2022 में जुलाई 2022 के बाद का समय ज्यादा अनुकूल रहने वाला है, क्योंकि इस दौरान मीन राशि में बृहस्पति का प्रमुख गोचर होगा और मकर राशि में शनि का गोचर होगा, जो कि देश की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की संभावना पैदा कर रहा है। इस नये साल में कर्क राशि, मकर राशि, और कुंभ राशि के जातकों को स्वास्थ्य को ध्यान रखने की ज्यादा आवश्यकता पड़ेगी।
जैसा कि पहले भी बताया गया है कि यह साल शुक्र का है और साल की शुरूआत में ही शुक्र शनि के साथ रहेंगे, ऐसे में व्यक्तिगत मोर्चे पर इसके अनुकूल परिणाम देखने को मिलेंगे और इस वर्ष ज्यादा विवाह संपन्न होंगे।
जैसा कि राहु राशि चक्र की पहली राशि अर्थात मेष में प्रवेश करेगा और केतु सातवें भाव में, ऐसे में विदेशी निवेश की संभावनाएं अधिक रहेंगी और वायरस की तीव्रता में कमी देखने को मिलेगी।
अप्रैल 2022 से बृहस्पति अपनी ही राशि मीन में स्थित होगा, जिससे देश और भारत की अर्थव्यवस्था की स्थिति सकारात्मक दिशा में बढ़ेगी। इसके अलावा दूसरा प्रमुख ग्रह यानि शनि भी जुलाई 2022 के दौरान कुंभ राशि से निकल कर वापस मकर राशि में प्रवेश करेगा, जिसके कारण देश में रोजगार के नये अवसर, व्यापार में वृद्धि, और सभी अच्छी चीजों के साथ साथ देश में अच्छी और सकारात्मक बदलाव की सौगात देखने मिलेगी। 2022 के अंत तक देश की अर्थव्यवस्था और प्रगति सही दिशा में आगे बढ़ती नजर आयेगी।
वैश्विक आर्थिक संकट से दूर
जो एक अहम संकट दुनिया और भारत को लंबे समय से सता रहा था, वह जुलाई 2022 के बाद हल होना शुरू हो जायेगा और वर्ष 2022 के अंत तक देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति ठीक होने लगेगी। अपनी अनुकूल राशि मीन में बृहस्पति की स्थिति से वैश्विक मंदी की स्थिति भी वर्ष 2022 में धीरे-धीरे हल होनी शुरू हो जायेगी।

वर्ष 2022 में होगा कोरोना वायरस का अंत?
साल 2020 से पूरी दुनिया को सता रही वैश्विक महामारी कोरोना वायरस साल 2022 की दूसरी छमाही, यानी अगस्त के बाद धीरे-धीरे समाप्त हो सकता है। हालांकि अभी महामारी की तीसरी लहर आ सकती है, लेकिन यह बहुत ज्यादा विकराल नहीं होगी और इसके साथ ही महामारी का अंत हो जायेगा। हालांकि यह वायरस पूरी तरह से खत्म नहीं होगा और मलेरिया आदि के रूप में अपना सिर दोबारा उठा सकता है।
नयी दवाएं और सोशल डिस्टेंसिंग के जरिये इस वायरस को काफी हद तक रोका जा सकेगा। इस समय वायरस के संदार्ब में सरकार और स्वास्थ्य संस्थाओं की तरफ से जारी की गयी गाइडलाइंस और नियमों का पालन करना अनुकूल रहेगा। इस वायरस से निपटने के लिए भारत सरकार कुछ कड़े और महत्वपूर्ण नियम लागू कर सकती है।
वर्ष 2022 में राहु-केतु
अप्रैल 2022 के महीने में राहु और केतु का गोचर होगा। जहां राहु मेष राशि में गोचर करेगा, वहीं केतु तुला राशि में गोचर करेगा। इन दोनों ही महत्वपूर्ण गोचर के चलते अर्थव्यवस्था में बेहतरी तो होगी, लेकिन वर्ष 2022 के उत्तरार्ध के दौरान अग्नि आपदाएं होने की आशंका है। वहीं अगस्त 2022 के बाद कोरोना वायरस का प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगेगा।
निष्कर्ष
• 2022 में कोरोना वायरस की तीसरी लहर के साथ इस महामारी के प्रभाव में कमी देखने को मिलेगी।
• वैश्विक स्तर के संबंध में राहत या सामान्य स्थिति की बात करें, तो यह वर्ष 2022 के अंत तक ही संभव हो सकता है।
• वैश्विक स्तर पर आर्थिक स्थिति में 2022 के अंत तक भारत सहित तेजी देखने को मिलेगी। 2021 की शुरूआत से ही जो नकारात्मकता वैश्विक स्तर पर चल रही थी, वह अप्रैल 2022 के बाद खत्म होनी शुरू हो जायेगी।

क्या कहती है भारत की कुंडली
भारत की कुंडली के अनुसार इस वर्ष भी चंद्रमा की महादशा चलेगी। चंद्रमा एक सौम्य कारक ग्रह है। भारत की कुंडली के अनुसार चंद्रमा पराक्रम भाव में है। ऐसी स्थिति में भारत के प्रशासक भारत को उन्नति की ओर ले जाने के लिए खूब परिश्रम करेंगे। वर्तमान में चंद्रमा और बुध का प्रत्यांतर चल रहा है। दोनों ग्रह एक-दूसरे के विरोधी हैं। इसलिए देश की जनता को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, अर्थात बीमारी, महामारी, प्राकृतिक प्रकोप जैसी घटनाएं देशवासियों को परेशान कर सकती है , लेकिन कार्य-व्यापार में तेजी से सुधार होगा। भारत की वृद्धि दर बढ़ेगी। आयात-निर्यात का संतुलन बनाकर देश आगे बढ़ेगा। कुछ परेशानियां आयेंगी। कुछ बड़े और विकसित देश भारत पर अपने लाभ के अनुसार प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से दबाव बनाने का प्रयास करेंगे, लेकिन भारत अपनी कूटनीतिक सूझ-बूझ से विश्व शक्तियों को मनाने और अपने कार्य को आगे बढ़ाने में सफल होगा। अप्रैल 2022 तक थोड़ी परेशानियां रहेंगी। देश को बीमारियों, महामारियों या प्राकृतिक आपदा का सामना करना पड़ सकता है। अप्रैल 2022 तक थोड़ी सावधानी बनाये रखनी है।
यह वर्ष अनेक चुनौतियां लेकर आने वाला है, लेकिन इन्हीं चुनौतियों के बीच भारत अपनी साख और पहचान बनाने में भी अहम भूमिका निभाने में सफल होगा। कूटनीतिक परिदृश्य से भारत जहां महाशक्तियों को साधने में सफल होगा, वहीं पड़ोसी देशों अर्थात चीन, पाकिस्तान, बंगलादेश, श्रीलंका एवं नेपाल जैसे देशों के प्रति अतिविश्वास के कारण परेशानी भी देश को उठानी पड़ सकती है। ये देश विश्वास में लेकर विदेशी ताकतों से मिलकर भारत को अप्रत्यक्ष रुप से हानि पहुंचा सकते हैं। इसमें चीन और पाकिस्तान से विशेष सतर्कता बनाये रखना होगा।
भारत अपने सकल घरेलू उत्पाद में तेजी से वृद्धि करेगा। यह सिलसिला अभी निरंतर कई वर्षों तक चलता रह सकता है। देश के असामाजिक तत्व, जो कि विभिन्न सरकारी क्षेत्रों में, सामाजिक क्षेत्रों में और राजनीतिक क्षेत्रों में बैठे हैं, वे अपनी कुटिल चालों से देश को कमजोर करने का प्रयास करेंगे। यद्यपि कभी-कभी विपक्ष की अहम भूमिका भी निभाने में सफल होंगे। नौकरी, व्यवसाय को लेकर सरकार के प्रति आक्रामक भूमिका निभायेंगे। अपनी पार्टी की मजबूती के लिए सत्ता पर काबिज होने के लिए देशद्रोहियों से लगाव बनाने में संकोच नहीं करेंगे, जिससे भारत के आंतरिक मामलों में विदेशी ताकतें कुछ परेशानियां खड़ी कर सकती हैं।
वर्तमान सरकार सामाजिक दृष्टि से भारत के हर धर्म-जाति-पंथ को साधने का प्रयास करेगी। जनता के कल्याण के लिए सर्वव्यापी योजनाएं चलाने का प्रयास करेगी। जिसमें सरकार को बहुत कुछ सफलता मिलेगी, लेकिन केतु के प्रभाव के कारण एवं शनि की मजबूत स्थिति के कारण कुछ असामाजिक तत्व भ्रम फैला सकते हैं। वर्ग या जाति संघर्ष फैलाकर सरकार को बदनाम करके राजनीतिक फायदा उठाने का प्रयास कर सकते हैं। क्रूर ग्रहों के प्रभाव के कारण उन्हें थोड़ी बहुत सफलता भी मिल सकती है। लेकिन गुरु, सूर्य एवं अन्य शुभ ग्रहों की मजबूत स्थिति के कारण जनता का विश्वास सरकार पर निरंतर बना रहेगा, जिससे सरकार हर क्षेत्रों में विकास एवं उन्नति करने में सफल रहेगी। थोड़ी बाधाएं आयेंगी, जिससे थोड़ा भ्रम की भी स्थितियां बनेगीं। जनता का विश्वास सरकार पर कम होने लगेगा। रोजी-रोजगार जैसी परेशानियां भी सरकार को तनाव दे सकती है, लेकिन सरकार शुभ ग्रहों के योग के प्रभाव के कारण जनता की  भ्रतियों को दूर करने में सफल हो पायेगी और देश के समुचित विकास को आगे चलने में अग्रणी भूमिका निभाने में अपनी तत्पर्यता बनाये रखने में सफल हो पायेगी।
अंतत: यह कहा जा सकता है कि यह वर्ष थोड़ा उतार-चढ़ाव के साथ बीमारियां, महामारियों के बीच संतुलन बनाते हुए विश्व पटल पर आंतरिक समस्याओं को सुलझाते हुए अपनी अहम भूमिका निभाने में देश सफल हो होगा। भारत की साख बढ़ेगी। विश्व विभिन्न देश भारत को सम्मान देगें। जिससे भारतवासियों को विश्व में नौकरी एवं व्यवसाय बढ़ाने में सफलता मिलेगी। विश्व बिरादरी में भी  भारत का सम्मानजनक स्थान बना रहेगा।

 

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