संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण में सहयोग करेगी सरकार : हेमंत

सीएम लुगुबुरु घांटाबाड़ी धोरोमगाढ़ में आयोजित 21वें अंतरराष्ट्रीय संताल सरना धर्म महासम्मेलन में हुए शामिल

आजाद सिपाही संवाददाता
लुगुबुरु (ललपनिया/बोकारो)। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि सरना आदिवासियों के लिए ललपनिया स्थित लुगुबुरु घांटाबाड़ी धोरोमगाढ़ सदियों से संथाली आस्था, गौरवशाली अतीत, परंपरा, श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक रहा है। हर साल कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर यहां आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय सरना धर्म महासम्मेलन में ना सिर्फ झारखंड बल्कि देश विदेश से श्रद्धालु आते हैं और विशेष अनुष्ठान में शामिल होते हैं। कोरोना महामारी के कारण यहां पूरी सावधानी और सतर्कता के साथ पूजन अनुष्ठान आयोजित हुआ। आगे भी यह गौरवशाली परंपरा बनी रहे, इसके संरक्षण में सरकार पूरा सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री शुक्रवार को लुगुबुरु घांटाबाड़ी धोरोमगाढ़ में आयोजित 21वें अंतरराष्ट्रीय संताल सरना धर्म महासम्मेलन में बोल रहे थे। उन्होंने धर्मपत्नी कल्पना सोरेन और पुत्रों के साथ पूरे विधि विधान और पारंपरिक तरीके से पूजा अर्चना की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र और परसिंपत्ति का भी वितरण किया।

सरकार हर तबके का रख रही ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहां कि हमारी सरकार यहां के सभी वर्ग और तबके के लोगों की आकांक्षाओं और उनकी गतिविधियों को प्राथमिकता में रखकर कार्य योजना बना रही है। उसे धरातल पर लागू करने का काम भी किया जा रहा है। हेमंत ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती तथा राज्य स्थापना दिवस के मौके पर 15 नवंबर से आपके अधिकार आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम शुरू किया गया है । इस कार्यक्रम के तहत 28 दिसंबर तक आपकी समस्याओं के निष्पादन तथा सरकार की योजनाओं का लाभ आपको दिलाने के लिए सरकार आपके द्वार पर आ रही है। सभी पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि शिविरों के माध्यम से लोगों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देना सुनिश्चित करें।

रोजगार सृजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा रोजगार सृजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस वर्ष को नियुक्ति वर्ष घोषित किया गया है और नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जा रही है। स्वरोजगार को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में गरीबी की वजह से खासकर आदिवासी महिलाएं हड़िया-दारु बेचने को मजबूर हैं। ऐसी महिलाओं को सम्मानजनक आजीविका से जोड़ने के लिए फूलो झानो आशीर्वाद योजना शुरू की गयी है। उन्होंने सरकार द्वारा शुरू की गयी सार्वभौमिक पेंशन योजना से भी लोगों को अवगत कराया। महिला समूह को बढ़ावा देने के लिए उठाये गये कदम के बारे में बताया।

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