ITBP और लद्दाख पुलिस ने हिमालय की दो चोटियों को किया फतह, एक को दिया पूर्व पर्वतारोही ‘नोर्बु वांगदू पीक’ का नाम

भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और लद्दाख पुलिस (Ladakh Police) के जवानों ने शनिवार को पूर्वी लद्दाख में दो अज्ञात पर्वत चोटियों को फतह किया, जिनकी ऊंचाई 6000 मीटर है. दोनों पर चढ़ाई करने के बाद जवानों का हौसला देखते ही बन रहा था. सबसे बड़ी बात यह है कि जवानों ने दो चोटियों चढ़ाई पर बाद एक चोटी का नाम ‘नोर्बु वांगदू पीक’ (Norbu Wangdu Peak) रखा है.

लहारी दोरजी ल्हाटू, आईजी नार्थ वेस्ट फ्रंटियर आईटीबीपी ने उत्तर पश्चिम सीमांत भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, पर्वतारोहण अभियान ‘शिखर’ और लद्दाख पुलिस के सदस्यों के साथ 6 अक्टूबर को पूर्वी लद्दाख में स्थित दो पर्वत चोटियों (6250 मीटर और 6099 मीटर) पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की है. पर्वतारोहण अभियान ‘शिखर’ को आईटीबीपी की 4 महिला पर्वतारोहियों और लद्दाख पुलिस के 2 कर्मियों सहित 20 पर्वतारोहियों की एक टीम के साथ, आईटीबीपी के कमांडेंट डीएस नेगी के नेतृत्व में 28 सितंबर को लेह से लॉन्च किया गया था.

यह अभियान बल के स्वर्गीय हेड कांस्टेबल और पर्वतारोही लदाख निवासी नोर्बु वांगदू को समर्पित था, जिनकी अक्टूबर 2019 में टीम के हिमस्खलन की चपेट में आने के बाद उत्तराखंड में माउंट गंगोत्री -1 पर आरोहण के दौरान मृत्यु हो गई थी. उनकी याद में ITBP ने 6250 मीटर की पीक को ‘नोर्बु वांगदू पीक’ का नाम दिया है. भारत-चीन युद्ध के दौरान 1962 में गठित ITBP ने अब तक 223 से अधिक सफल पर्वतारोहण अभियान दर्ज किए हैं, जो एक अनूठा रिकॉर्ड है.

राजनाथ सिंह ने सिक्किम में पर्वतारोहण अभियानों की सराहना की थी

अगस्त में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश के 75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सिक्किम में हिमालय की चार छोटी चोटियों पर चढ़ाई करने वाले पर्वतारोहियों के एक समूह की सराहना की थी. उन्होंने कहा था कि इस प्रकार की उपलब्धियों से युवाओं के भीतर देशभक्ति का संचार होगा. सिंह ने ‘आजादी के अमृत महोत्सव’ के उपलक्ष्य में दिल्ली में हिमालयन पर्वतारोहण संस्थान, दार्जिलिंग द्वारा आयोजित पर्वतारोहण अभियान को हरी झंडी दिखाई थी. उन्होंने कहा था कि इस अभियान के तहत ग्रुप कैप्टन जय किशन के नेतृत्व में माउंट रहेनोक, माउंट फ्रे, माउंट बी सी रॉय और माउंट पालुंग पर 125 पर्वतारोहियों ने चढ़ाई की.

समुद्र तल से 16,500 फुट की ऊंचाई पर स्थित माउंट रहेनोक के ऊपर 7,500 वर्ग फुट क्षेत्रफल वाला 75 किलोग्राम का राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया. राष्ट्रीय ध्वज जिस बिंदु पर फहराया गया उसका नाम सिक्किम के पहले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी त्रिलोचन पोखरेल के नाम पर रखा गया जिन्हें गांधी पोखरेल के नाम से जाना जाता था. इस उपलब्धि को ‘एशियन बुक ऑफ रिकार्ड्स’ और ‘इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स’ में किसी पर्वत चोटी के ऊपर फहराए गए सबसे बड़े राष्ट्रीय ध्वज के रूप में दर्ज किया गया है.

Comments are closed.