राष्ट्रपति कोविंद और उपराष्ट्रपति नायडू ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री शास्त्री को दी श्रद्धांजलि, उनके अतुलनीय योगदान को किया याद

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ramnath Kovind) ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को जयंती पर याद किया. इस अवसर पर उन्होंने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी और विजय घाट पहुंचकर लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित की. उनके अलावा, उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू (Venkaiah Naidu) ने भी शनिवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री शास्त्री को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की.

राष्ट्रपति कोविंद ने ट्विटर पर लिखा, ‘पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर उनकी स्मृति को नमन. वे देश के एक महान सपूत थे जिन्होंने पूर्ण निष्ठा, समर्पण तथा लगन के साथ राष्ट्र की सेवा की. उनकी सादगी, सदाचार और सत्यनिष्ठा आज भी सभी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है.’

वहीं, गांधी जयंती के अवसर पर उन्होंने कहा, ‘गांधी जयंती के दिन बापू को श्रद्धांजलि. यह दिन हमारे लिए गांधीजी के संघर्ष और त्‍याग को स्‍मरण करने का अवसर है. आइए, हम सब उनकी शिक्षाओं, आदर्शों और जीवन-मूल्‍यों का अनुसरण करते हुए यह संकल्‍प लें कि हम सब उनके सपनों का भारत बनाने की दिशा में सतत प्रयत्‍नशील रहेंगे.’

उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू (Venkaiah Naidu) ने भी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की और स्वाधीनता आंदोलन में उनके योगदान को याद किया. नायडू ने महात्मा गांधी के समाधि स्थल राजघाट और शास्त्री के समाधि स्थल विजय घाट जाकर दोनों नेताओं की समाधि पर पुष्प अर्पित किए.

उन्होंने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा कि महात्मा गांधी ने अंग्रेजी हुकूमत से भारत को आजादी दिलाने के लिए सत्य और अहिंसा के मूल्यों पर आधारित संघर्ष का नेतृत्व किया. अहिंसा के उनके सिद्धांत शांति, सद्भाव और वैश्विक भाईचारे के लिए भारत व विश्व के अन्य देशों का मार्गदर्शन करते रहेंगे.

उन्होंने कहा, ‘मानवता की महानता सिर्फ मानव होने में नहीं बल्कि मानवीय होने में है. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर मानवता को सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाने वाले विश्वगुरु की पावन स्मृति को कृतज्ञ प्रणाम करता हूं.’ उपराष्ट्रपति ने इस अवसर पर देशवासियों से ”स्वच्छ भारत अभियान” को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया.

उन्होंने कहा, ‘महात्मा गांधी ने कहा था कि स्वच्छता स्वतंत्रता से भी अधिक महत्वपूर्ण है. आज ‘स्वच्छ भारत दिवस’ के अवसर पर मेरा सभी से आग्रह है कि स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का अंग बनायें… इसे एक जन-आंदोलन बनायें.’ गांधी का जन्म गुजरात के पोरबंदर में दो अक्टूबर 1869 में हुआ था. अंग्रेजी हुकूमत से भारत को आजाद कराने की लड़ाई का उन्होंने नेतृत्व किया.

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