गोली लगने से नहीं हुई किसी किसान की मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ये खुलासा

Lakhimpur Kheri Violence । लखीमपुर खीरी हिंसा में मारे गए आठ लोगों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ चुकी है और इसमें खुलासा हुआ है कि मरने वाले लोगों में से किसी भी भी मौत गोली लगने से नहीं हुई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि किसी की मौत सदमे से और कुछ की मौत रक्तस्राव से हुई है, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गोली लगने की बात नहीं है। गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में मारे गए लोगों का सोमवार को पोस्टमार्टम किया गया था।

पोस्टमार्टम की पूरी रिपोर्ट

1. लवप्रीत सिंह (किसान)

– घसीटने के कारण मौत हुई है। शरीर पर कई चोट के निशान मिले हैं। सदमे और रक्तस्राव मौत का कारण मौत हो गई है। नुकीली चीज से चोट लगी है।

2. गुरविंदर सिंह (किसान)

गुरविंदर सिंह भी किसान थे और शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे। घसीटे जाने के कारण मौत हुई थी।

3. दलजीत सिंह (किसान)

– दलजीत सिंह के शरीर पर भी कई जगह घसीटे जाने के निशान थे।

4. छत्र सिंह (किसान)

– छत्र सिंह भी किसान थे और अचानक बवाल और हिंसा के कारण सदमे में आ गए थे। रक्तस्राव और कोमा के कारण मौत, घसीटे के निशान भी मिले।

5. शुभम मिश्रा (भाजपा नेता)

शुभम मिश्रा को लाठियों से पीटा गया था। शरीर पर एक दर्जन से अधिक जगह चोट के निशान पाए गए हैं।

6. हरिओम मिश्रा (अजय मिश्रा के चालक)

हरिओम मिश्रा को लाठी से बेदर्दी से पीटा गया था। शरीर पर गंभीर चोट के निशान थे। मौत से पहले भारी रक्तस्राव हुआ।

7. श्याम सुंदर (भाजपा कार्यकर्ता)

भाजपा कार्यकर्ता श्याम सुंदर को लाठियों से पीटा गया था। कुचलने से एक दर्जन से ज्यादा जख्मी लोग जख्मी भी हुए थे।

8. रमन कश्यप (स्थानीय पत्रकार)

– इस पूरी घटना के कवर करने पहुंचे स्थानीय पत्रकार रमन कश्यप के शरीर पर मारपीट के गंभीर निशान। उनकी मौत सदमा और रक्तस्राव के कारण हुई ।

मृतक के परिजन को 45 लाख का मुआवजा

सोमवार को प्रशासन और किसानों के बीच समझौता हो गया। हिंसा में मारे गए 4 किसानों के परिवारों को 45-45 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी। साथ ही उन लोगों को 10 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा जो इस पूरे हिंसात्मक घटना में घायल हो गए थे।

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