Jammu-Kashmir: जोजिला टनल का निरीक्षण करेंगे नितिन गडकरी, टूरिज्‍म और बेहतर कनेक्‍टीविटी को मिलेगा बढ़ावा

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) 28 सितंबर को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर में विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को राष्ट्र के नाम समर्पित करते हुए इनकी आधारशिला रखेंगे. मंत्री 28 सितंबर यानी कल जेड मोड़ और जोजिला सुरंग की समीक्षा और निरीक्षण करेंगे. एस्केप टनल की लंबाई (खुदाई पूरी) 6.5 किमी है और जेड-मोड़ मेन टनल की लंबाई 6.5 किमी है. जेड-मोड़ टनल सोनमर्ग पर्यटन शहर को हर मौसम में कनेक्टिविटी प्रदान करेगी.

केंद्र सरकार कश्मीर में बेहतर कनेक्‍टीविटी और टूरिज्‍म को बढ़ावा देने के लिए कई सड़क प्रोजेक्‍ट शुरू करने जा रही है. सड़क परिवहन मंत्री नीतिन गडकरी सोमवार को इन प्रोजेक्‍ट्स की आधारशिला रखेंगे. इसके साथ ही, मंगलवार को वो जोजिला और जेड मोड़ टनल का निरीक्षण भी करेंगे, जिससे श्रीनगर और कारगिल (लद्दाख) के बीच ऑल वेदर रॉड (All Weather Road) शुरू हो सकेगी.

‘खुल सकेगा हर मौसम के लिए रास्ता’

जोजिला टनल के निर्माण के साथ ही श्रीनगर, द्रास, करगिल और लेह के बीच हर मौसम के लिए रास्ता खुल जाएगा. अभी साल में 6 महीने यह मार्ग बंद होता है. इस टनल का काम पूरा होने के बाद लद्दाख से कश्मीर ( Ladakh to Kashmir ) के बीच दूरी तय करने में तीन घंटे 15 मिनट की कमी आएगी.

टनल के निर्माण पर इतने करोड़ का खर्च

जोजिला टनल परियोजना पूरा करने की कीमत MEIL ने बिड में 4509.50 करोड़ रुपए रखी गई थी. दूसरी कंपनियों ने इससे कहीं ज्यादा कीमत भरी थी. इसी वजह से MEIL को इस परियोजना को पूरा करने का ठेका दिया गया है. 11,578 फुट की ऊंचाई पर बने जोजिला दर्रे में नवंबर से अप्रैल तक भारी बर्फबारी के कारण श्रीनगर-कारगिल-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन बंद रहता है. इसके निर्माण से NH-1 पर बर्फीले तूफानों से होने वाले हादसों से भी बचाव हो पाएगा, जिससे सुरक्षित यात्रा का सपना पूरा होगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मई, 2018 में इस परियोजना की नींव रखी थी और इसके निर्माण की जिम्मेदारी आईएलएंडएफएस को सौंपी गई थी. लेकिन इस कंपनी के दिवालिया घोषित होने तक पहुंच जाने के कारण 15 जनवरी 2019 को उसका कांट्रेक्ट रद्द कर दिया गया.

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