झारखंड की आइएएस पूजा सिंघल के सीए के घर इडी की रेड, 17 करोड़ रुपये कैश बरामद

आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। अवैध खनन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (इडी) की टीम ने शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे देशभर में छापामारी की है। यह कार्रवाई झारखंड की वरिष्ठ आइएएस अधिकारी पूजा सिंघल और उनसे जुड़े सत्ता के करीबी लोगों के 20 ठिकानों पर की गयी है। आइएएस पूजा सिंघल के करीबी सीए सुमन सिंह के घर से 17 करोड़ रुपये कैश और आठ करोड़ रुपये की अचल संपत्ति मिलने की सूचना है। सुमन सिंह के घर से बरामद नोटों को गिनने के लिए इडी को नोट गिनने वाली मशीन का इस्तेमाल करना पड़ा। वैसे, इडी ने अभी तक कैश मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। वहीं, सूचना है कि बिहार के मधुबनी स्थित उनके घर से पूजा सिंघल के ससुर कामेश्वर झा को गिरफ्तार कर लिया गया है।
इडी की टीम ने एक साथ झारखंड के रांची, धनबाद, खूंटी, राजस्थान के जयपुर, हरियाणा के फरीदाबाद व गुरुग्राम, पश्चिम बंगाल के कोलकाता, बिहार के मुजफ्फरपुर और दिल्ली-एनसीआर में छापे मारे हैं।
रांची में कांके रोड के चांदनी चौक स्थित पंचवटी रेजिडेंसी के ब्लॉक नंबर 9, लालपुर के हरिओम टावर स्थित नयी बिल्डिंग, बरियातू के पल्स अस्पताल में छापामारी की जानकारी मिली है। बता दें कि पल्स हॉस्पिटल पूजा सिंघल के पति और व्यवसायी अभिषेक झा का है। आइएएस अधिकारी पूजा सिंघल के सरकारी आवास पर भी छापामारी की सूचना है।
सीए सुमन कुमार ने माना 17 करोड़ उनके
सिंघल के सीए सुमन कुमार ने माना है कि 17 करोड़ रुपये कैश उनके हैं, जिन्हें वह अगले फाइनेंशियल ईयर में दिखाने वाले थे। हालांकि, मीडिया के सवालों का वह सीधा-सीधा जवाब नहीं दे पाये। सुमन यह भी नहीं बता सके कि इतनी बड़ी राशि उनके पास कहां से आयी और घर पर उन्होंने इतनी राशि क्यों रखी थी।
ज्ञात हो कि आइएएस पूजा सिंघल के पति अभिषेक के आवास पर भी इडी की छापामारी चल रही है। आइएएस अधिकारी राहुल पुरवार से तलाक के बाद पूजा सिंघल ने अभिषेक से शादी की थी। अभिषेक के रातू रोड स्थित एक ठिकाने पर इडी के अधिकारी जांच कर रहे हैं। इडी ने छापामारी में कई दस्तावेज जब्त किये हैं। बड़े पैमाने पर कैश बरामद होने की सूचना है। धनबाद में भी कई जगहों पर टीम तलाशी ले रही है।
गौरतलब है कि इडी ने मनरेगा घोटाले के एक मामले में झारखंड हाइकोर्ट के आदेश पर पूरे मामले की जानकारी से संबंधित शपथ पत्र दायर किया था। इडी ने शपथ पत्र के माध्यम से कोर्ट को बताया था कि झारखंड के खूंटी जिला में मनरेगा में 18.06 करोड़ रुपये के घोटाले के वक्त वहां की उपायुक्त पूजा सिंघल थीं।
इधर, प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा ने इडी की छापामारी का स्वागत किया है। केंद्रीय समिति के सदस्य सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि पहले की सरकारों से महत्वपूर्ण पदों पर पूजा सिंघल रही हैं। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा इडी की छापामारी संबंधी जानकारी देने पर आपत्ति जताते हुए उन्कहोंने कहा कि भाजपा को जवाब देना चाहिए। भाजपा के शासनकाल में मनरेगा घोटाला हुआ है, इसमें पूजा सिंघल आरोपी हैं। इस मामले में वहां के जूनियर इंजीनियर राम विनोद प्रसाद सिन्हा गिरफ्तार कर जेल भेजे गये थे, जिन्होंने इडी को दिये अपने बयान में यह स्वीकार किया था कि कमीशन की राशि उपायुक्त कार्यालय तक पहुंचती थी।
इडी ने चतरा और पलामू के भी दोनों मामलों की चल रही जांच की जानकारी अपने शपथ पत्र के माध्यम से हाइकोर्ट को दी थी। शपथ पत्र में बताया था कि पूजा सिंघल चतरा जिले में अगस्त 2007 से जून 2008 तक उपायुक्त के पद पर थीं।
आरोप है कि उन्होंने दो एनजीओ को मनरेगा के तहत छह करोड़ रुपये का अग्रिम भुगतान किया था। इन दोनों एनजीओ में वेलफेयर प्वॉइंट और प्रेरणा निकेतन शामिल है। यह राशि मूसली की खेती के लिए आवंटित की गयी थी, जबकि इस तरह का कोई कार्य वहां नहीं हुआ था, जिसकी जांच अभी जारी है।
इसके अलावा पलामू जिला में उपायुक्त रहते हुए पूजा सिंघल पर यह आरोप है कि उन्होंने करीब 83 एकड़ जंगल भूमि को निजी कंपनी को खनन के लिए ट्रांसफर किया था। यह कठौतिया कोल माइंस से जुड़ा मामला है। इडी ने कोर्ट को बताया था कि इस मामले की भी जांच जारी है।

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