बाबूलाल का दावा, पूजा सिंघल प्रकरण से उबरने के लिए मदद तलाशने में लगी है राज्य सरकार

आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। इन दिनों राज्य में खान सचिव पूजा सिंघल प्रकरण पर सियासत गर्म है। सचिव इडी की रडार पर हैं। उनसे और उनके पति अभिषेक झा और सीए सुमन कुमार सिंह को इडी ने मंगलवार को पूछताछ के लिए बुलाया। इसके अलावा सीएम हेमंत सोरेन को चुनाव आयोग का नोटिस भी आया है, जिससे सियासत गर्म है। इस घटनाक्रम के बाद सत्तारूढ़ दलों और विपक्षी दल भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इधर, पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया में मंगलवार को ही यह लिख कर खलबली मचा दी है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भ्रष्टाचार से उत्पन्न संकट से राहत पाने में लगे हैं। वे इस प्रकरण से कुछ दिनों तक जीवन दान दिलाने को कानूनी सहायता पाने में लगे हैं। इस सहायता के बदले एक बाहरी नामी व्यक्ति ने सीएम से राज्यसभा सीट की मांग कर दी है। हालांकि बाबूलाल ने इसे सिर्फ चर्चा ही बताया है।

इन नामों पर लग सकता है दांव
फिलहाल राज्य में राज्यसभा चुनाव के लिए प्रदेश कांग्रेस की ओर से कुछ खास नामों पर लगातार चर्चाओं का दौर जारी है। प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे के लगातार झारखंड दौरे के बाद यह माना जा रहा है कि वे राज्यसभा चुनाव के लिए अपनी फील्ंिडग जमाने में लगे हैं। हालांकि सीएम के स्तर से अभी तक उनके नाम पर सहमति नहीं बन पाने की खबरें सामने आ रही हैं। अविनाश पांडे के अलावे पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल और सलमान खुर्शीद का भी नाम सामने आ रहा है।

राज्यसभा चुनाव में दिखेगी सियासत
गौरतलब है कि झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव होना है। राज्य में 7 जुलाई को दो सीटों के लिए समय अवधि समाप्त हो रही है। सांसद महेश पोद्दार और मुख्तार अब्बास नकवी का इस अवधि में कार्यकाल समाप्त हो जायेगा। ऐसे में दो सीटों के लिए किसकी दावेदारी मजबूत होगी, इस पर सियासत गर्म होने को है। सत्ता धारी दल की तरफ से आंकड़ों के आधार पर राज्यसभा की सीट पर झामुमो और कांग्रेस में अपनी अपनी दावेदारी किये जाने की संभावना है। राज्यसभा चुनाव को लेकर जेएमएम के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने पूर्व में मीडिया के सवालों पर कहा था कि विधानसभा में अब कुल विधायकों की संख्या 80 है। उसमें जो जरूरत के वोट हैं, उससे ज्यादा हमारे ही दल में हैं। हम लोग सहयोगी दलों कांग्रेस और राजद से बात करेंगे। हम लोगों की इच्छा रहेगी कि राज्यसभा में हमारे दल से ही लोग जायें।

चुनाव के पूर्व भी इस बात पर हम लोगों ने सहमति जतायी थी। इसी पर हमलोग निष्कर्ष तक पहुंच जायेंगे। हालांकि झारखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर भी इस पर पार्टी की इच्छा जता चुके हैं। कह चुके हैं कि जब हम लोग साथी दल हैं। जो गठबंधन के लोग हैं, उनको तय करना है। हम लोग आपस में बात करेंगे और चर्चा करेंगे। पिछली दफा गुरुजी गये थे। इसलिए इस बार हमलोग कांग्रेस के लिए सीट मांगेंगे। मुख्यमंत्री भी राज्यसभा चुनाव को लेकर संजीदा हैं। वो भी सारी बातों को समझते हैं। गठबंधन के धर्म को भी समझते हैं।

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