झारखंड में प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक स्थलों की श्रृंखला, बस इन्हें प्रमोट करने की जरूरत : मुख्यमंत्री

-पूरे साल खेल और महोत्सव के आयोजन की दिशा में आगे बढ़ें अधिकारी -मुख्यमंत्री ने पर्यटन, कला संस्कृति, खेलकूद और युवा कार्य विभाग के कार्य प्रगति की समीक्षा की

मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि हमारे पास प्राकृतिक सौंदर्य है। धार्मिक स्थलों की श्रृंखला है। कला-संस्कृति है। बस इन्हें प्रमोट करने की जरूरत है। यह सब कार्य पर्यटन के जरिए ही होगा। राज्य को विश्व मानचित्र पर लाने का कार्य करें। उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर पर्यटन के क्षेत्र में निवेश के लिए निवेशकों को आमंत्रित करें। क्या वजह है कि खेल में बेटियां अग्रणी हैं। यहां के युवक खेल में कुछ पीछे हैं। इनको आगे बढ़ाने के लिए सेंटर का निर्माण करें। बेहतर प्रशिक्षण दें, जिससे युवक भी खेल के क्षेत्र में झारखंड का मान बढ़ा सकें। मुख्यमंत्री सोमवार को पर्यटन, कला-संस्कृति, खेल-कूद और युवा कार्य विभाग के कार्य प्रगति की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा पूरे साल खेल और महोत्सवों के आयोजन करने की दिशा में आगे बढ़े।

सुरक्षा का रखें ध्यान, रेस्क्यू बोट भी रखें

मुख्यमंत्री ने पतरातू डैम में संचालित बोट में बैठने वाले पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग संचालकों को बोट उपलब्ध कराए। लोगों की सुरक्षा के लिए रेस्क्यू बोट की भी व्यवस्था करें। ताकि विपरीत परिस्थितियों का सामना किया जा सके। हर तरह के बोट की व्यवस्था पर्यटकों के लिए विभाग करे। बोट की गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाये। इसके अलावा उन्होंने चांडिल डैम में पर्यटकों के लिए उपलब्ध कराए जाने मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली।

वन विभाग के साथ बैठक करें, मसानजोर में गेस्ट हाउस बनाएं

मुख्यमंत्री ने पर्यटन क्षेत्रों में पर्यटकों को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए वन विभाग के साथ बैठक करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा मुख्य सचिव के नेतृत्व में बैठक कर सभी अड़चनों को यथाशीघ्र दूर करें। डैम के आसपास स्थित वन भूमि और वनों का उपयोग पर्यटकों को सुविधा और मनोरंजन के लिए करें। इसके लिए वन विभाग से समन्वय बनाएं। मुख्यमंत्री ने मसानजोर डैम के पास गेस्ट हाउस बनाने का निर्देश विभाग के अधिकारियों को दिया है।

वॉटरफॉल में सुरक्षा मानकों का पालन हो

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर वर्ष जल प्रपात में युवाओं की जान जा रही है। हमें नागरिकों को बचाना है। फॉल्स में घटना वाले जगहों को चिन्हित करें, और पानी के अंदर चट्टानों में बन चुके होल को बंद करें। ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा पर्यटक मित्रों की मदद पर्यटन स्थलों में लें। विभाग उनके साथ सेमिनार आयोजित कर उनके साथ समन्वय बनाए।

विरासत स्थल का संरक्षण जरूरी

मुख्यमंत्री ने कला संस्कृति विभाग की समीक्षा के क्रम में कहा कि विरासत स्थल का संरक्षण जरूरी है। इसके लिए गंभीरता से काम करने की जरूरत है। यहां संभावनाएं हैं। इसके लिए अच्छी एजेंसी का चयन करें जो राज्य के विरासत को उसके पुराने स्वरूप में ही विकसित करे।

मुख्यमंत्री ने इन मामलों पर भी दिया निर्देश

– पतरातू डैम में निर्मित पार्क, पर्यटकों के आगमन, निर्माणाधीन गेस्ट हाउस और आइलैंड में बन रहे कैफेटेरिया की वर्तमान स्थिति जानी

– मैथन, गैतलसूद, मसानजोर और चांडिल डैम की जानकारी ली। इन स्थानों पर बेहतरीन लोकेशन चिन्हित करने का निर्देश दिया

– दशम, हुंडरू, जोन्हा और लोध जलप्रपात में निर्मित होने वाले स्काईवॉक और रोपवे की जानकारी ली, इसके लिए सुरक्षा के मानकों और आधुनिक तकनीक का उपयोग सुनिश्चित करने का आदेश दिया।

– नेतरहाट पठार में जल संरक्षण के लिए रेनवेटर हार्वेस्टिंग करने का निर्देश दिया। साथ ही, नेतरहाट स्थित वाटर बॉडीज के संरक्षण का निर्देश भी दिया।

– होटल रांची अशोक के अधिग्रहण में आ रही अड़चनों को दूर करने का आदेश दिया।

– खेल कूद और युवा कार्य विभाग से संबंधित योजनाओं की स्थिति से अवगत हुए और कार्य में प्रगति लाने का निर्देश दिया। इसके अलावा मुख्यमंत्री फुटबॉल टूर्नामेंट की जानकारी भी ली।

– अन्य क्षेत्रों के साथ-साथ संताल परगना में खेल को बढ़ावा देने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया।

बैठक में मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, सचिव पर्यटन, कला संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग अमिताभ कौशल, निदेशक पर्यटन राहुल कुमार और अन्य उपस्थित थे।

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