श्रीलंका-भारत की नौसेनाओं के बीच द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास ‘स्लिनेक्स’ शुरू

- दो दिन के बंदरगाह चरण के बाद 09-10 मार्च को समुद्री चरण बंगाल की खाड़ी में होगा - स्लिनेक्स अभ्यास भारत-श्रीलंका की नौसेनाओं के बीच गहरे समुद्री जुड़ाव का उदाहरण

भारत और श्रीलंका की नौसेनाओं के बीच द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास स्लिनेक्स का नौवां संस्करण सोमवार को विशाखापत्तनम में शुरू हुआ। दो दिन के बंदरगाह चरण के बाद 09-10 मार्च को समुद्री चरण बंगाल की खाड़ी में होगा। श्रीलंका-भारत के बीच स्लिनेक्स का पिछला संस्करण अक्टूबर, 2020 में त्रिंकोमाली में आयोजित किया गया था। इस अभ्यास में दोनों सेनाओं के युद्धपोत और हेलीकॉप्टर हिस्सा लेंगे।

नौसेना प्रवक्ता के अनुसार नौसेना अभ्यास में श्रीलंका नौसेना का प्रतिनिधित्व उन्नत अपतटीय गश्ती पोत एसएलएनएस सयूराला और भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व निर्देशित मिसाइल कार्वेट आईएनएस किर्च करेगा। इसके अलावा भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस ज्योति, फ्लीट सपोर्ट टैंकर, एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच), चेतक हेलीकॉप्टर और डोर्नियर मैरीटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट भी अभ्यास में शामिल होंगे। स्लिनेक्स का पिछला संस्करण अक्टूबर 2020 में त्रिंकोमाली में आयोजित किया गया था।

स्लिनेक्स अभ्यास भारत और श्रीलंका के बीच गहरे समुद्री जुड़ाव का उदाहरण है। पिछले कुछ वर्षों में प्रधान मंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप भारत की ‘पड़ोसी पहले’ की नीति और ‘क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास’ के तहत आपसी सहयोग को मजबूत करने का दायरा बढ़ा है। इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच बहुआयामी समुद्री संचालन के लिए अंतर-संचालन क्षमता को बढ़ाना, आपसी समझ में सुधार और सर्वोत्तम प्रथाओं और प्रक्रियाओं का आदान-प्रदान करना है।

बंदरगाह चरण में पेशेवर, सांस्कृतिक, खेल और सामाजिक आदान-प्रदान शामिल होंगे। समुद्री चरण के दौरान अभ्यासों में सतह और वायु-रोधी हथियार फायरिंग अभ्यास, सीमैनशिप विकास, क्रॉस डेक फ्लाइंग सहित विमानन संचालन, उन्नत सामरिक युद्धाभ्यास और समुद्र में विशेष बल संचालन शामिल होंगे। ये दोनों नौसेनाओं के बीच पहले से मौजूद अंतर-संचालन के उच्च स्तर को और बढ़ाएंगे।

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