गुमला की दुष्कर्म पीड़िता से मिली रांची की मेयर

रांची की मेयर और भाजपा की राष्ट्रीय मंत्री आशा लकड़ा बुधवार को गुमला के बिशुनपुर प्रखंड स्थित चिरोडीह पंचायत पहुंची। उन्होंने पीड़िता एवं उसके परिजनों से मुलाकात की। उल्लेखनीय है कि 13 मार्च को बिशुनपुर थाना क्षेत्र में दस लोगों ने नाबालिग किशोरी (13) के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। पीड़िता आठवीं कक्षा की छात्रा है। गांव में मड़वा का कार्यक्रम था। इसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए नाबालिग किशोरी संबंधित गांव आई थी। रात 11 बजे शादी समारोह से अपने घर लौट रही थी। इस दौरान आरोपितों ने नाबालिग किशोरी को अगवा कर उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपित नाबालिग किशोरी को उत्क्रमित मध्य विद्यालय के समीप छोड़कर भाग गए थे। आरोपितों में दो को छोड़कर शेष आठ आरोपित नाबालिग हैं।

मेयर ने इस घटना को शर्मनाक कहा। साथ ही राज्य सरकार से मांग करते की कि इस घटना में शामिल आरोपितों को फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ईश्वर राज्य सरकार को सद्बुद्धि प्रदान करे। राज्य के अधिकांश जिलों में दिन-प्रतिदिन दुष्कर्म अथवा सामूहिक दुष्कर्म की घटनाओं में वृद्धि हो रही है। फिर भी विधानसभा में बेटियों की सुरक्षा पर सत्ता पक्ष के विधायकों ने कोई सवाल नहीं किया। इससे यही जाहिर होता है कि राज्य की बिगड़ती कानून व्यवस्था के प्रति राज्य सरकार खुद को जिम्मेदार मान रही है। मुख्यमंत्री विधानसभा में पिछले दो वर्षों में अपराध, लूट, हत्या एवं दुष्कर्म के आंकड़े बात रहे हैं। क्या ये आंकड़े ही हेमंत सरकार की उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को अपनी जिम्मेदारी का अहसास होने चाहिए। उन्हें बेटियों की सुरक्षा एवं उनके भविष्य को लेकर गंभीरता से विचार करना चाहिए। मुख्यमंत्री स्वयं आदिवासी हैं। इसलिए आदिवासी समाज की बेटियों की सुरक्षा के प्रति उनकी खास जिम्मेदारी है। जब राज्य की बेटियां अपने ही घर व समाज के बीच स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रही हैं तो राज्य सरकार किस मुंह से महिला विकास और महिला सशक्तिकरण की बात करती है। युवाओं और समाज मे पनप रही दुष्प्रवृत्ति को रोकने के लिए हेमंत सरकार ने अब तक कोई कार्य नहीं किया। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि पीड़िता को उचित मुआवजा का भुगतान करें। साथ ही पीड़ित का नामांकन कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में कराने की व्यवस्था करें।

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