शराबबंदी संशोधन विधेयक विधानसभा से पास

-छह साल बाद नियम में हुआ बदलाव -बार-बार पकड़े जाने पर जुर्माना और जेल दोनों -जुर्माना नहीं देने पर एक माह की सजा

बिहार विधानसभा में नीतीश सरकार ने शराबबंदी संशोधन विधेयक को बुधवार पेश किया, जिस पास कर दिया गया। शराबबंदी कानून में बदलाव के बाद अब नियमों में भी बदलाव देखने को मिलेगा। इसी माह बजट सत्र के दौरान ही नीतीश सरकार ने इसे मंत्रिमंडल से पास किया था।

नीतीश सरकार ने 6 साल पहले आज ही के दिन में बिहार विधानसभा में शराबबंदी कानून को पेश किया था। एक अप्रैल-2016 से बिहार में शराबबंदी आंशिक तौर पर लागू की गई थी लेकिन उसमें बाद में परिवर्तन करते हुए बिहार में पूर्ण शराब बंदी लागू कर दी गई। आज 6 साल बाद शराब बंदी कानून में बड़े बदलाव किए गए हैं। सरकार ने बिहार मद्य निषेध और उत्पाद संशोधन विधेयक-2022 को विधानसभा में पेश किया जिसे सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। इस नए कानून के तहत नजदीकी कार्यपालक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा। जुर्माना देकर छूट सकता है पकड़ा गया आरोपी। जुर्माना नहीं देने पर एक महीने की सजा हो सकती है।

बार-बार पकड़े जाने पर जेल और जुर्माना दोनों होगा। जुर्माने की राशि राज्य सरकार तय करेगी।पुलिस को मजिस्ट्रेट के सामने जब्त सामान नहीं पेश करना होगा। पुलिस पदाधिकारी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य पेश कर सकते हैं। नमूना सुरक्षित रखकर जब्त सामान को नष्ट किया जा सकेगा। इसके लिए परिवहन की चुनौती और भूभाग की समस्या दिखाना होगा।डीएम के आदेश तक जब्त वस्तुओं को सुरक्षित रखना जरूरी नहीं और मामले की सुनवाई एक साल के अंदर पूरी करनी होगी ।

धारा-37 में सजा पूरा कर चुका आरोपी जेल से छूट जाएगा। तलाशी, जब्ती, शराब नष्ट करने को लेकर है विशेष नियम। विधेयक को बिहार सरकार ने पहले से तैयार कर लिया था। हंगामा होने और इसको लेकर एक मत बनाने को लेकर इसे बजट सत्र के सत्र से एक दिन पूर्व पेश किया गया। हालांकि, बिहार सरकार की कैबिनेट से इसको पहले ही मंजूरी मिल गई थी। सुप्रीम कोर्ट की सलाह के बाद बिहार सरकार ने शराबबंदी कानून में संशोधन की तैयारी की थी। इस संशोधन विधेयक पर हंगामा ना हो इसको लेकर सभी विधायकों को संशोधन की एक-एक प्रति पहले ही पढ़ने के लिए दी जा चुकी थी। बिहार सरकार की शराबबंदी कानून को लेकर हो रही फजीहत के बाद ये फैसला लिया गया है।

Comments are closed.