विधानसभा घेराव से पूर्व आजसू के कई नेता हिरासत में

स्थानीय और नियोजन नीति सहित अन्य मांगों को लेकर आजसू पार्टी की ओर से सोमवार को झारखंड विधानसभा घेराव के पूर्व ही प्रशासन ने आजसू के कई नेताओं को हिरासत में ले लिया है। इसके अलावा शहर के आसपास के प्रमुख चौक चौराहों पर बैरिकेडिंग कर रांची पहुंच रहे कार्यकर्ताओं को प्रशासन ने पहले ही रोक दिया है।

जानकारी के अनुसार आजसू पार्टी के पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत खतियान आधारित स्थानीय नीति, नियोजन नीति, आरक्षण, बेरोजगारी, सरना धर्म कोड, संसाधनों में हो रही लूट और झारखंड आंदोलनकारियों के सम्मान संबंधी मुद्दे को लेकर सोमवार को विधानसभा घेराव का घोषणा किया था। प्रशासन की ओर से भी विभिन्न चौक चौराहों में बैरीकेडिंग की गई है। रैफ़ के जवानों को भी जगन्नाथपुर मंदिर और विधानसभा के आसपास के इलाकों में तैनात किया गया है। वहीं दूसरी ओर पार्टी के कई नेताओं के पुलिस हिरासत में लिए जाने की खबर भी है। बताया जाता है कि हुसैनाबाद के पूर्व विधायक कुशवाहा शिवपूजन मेहता को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पार्टी नेता तिवारी महतो मांडू विधानसभा प्रभारी के भी पुलिस हिरासत में लिए जाने की खबर है। विधानसभा जाने वाले रास्ते में त्रिस्तरीय बैरीकेडिंग की गई है, जहां रैफ के जवान तैनात हैं।

दोपहर 12:30 बजे तक पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर नजर नहीं आये। इस सम्बंध में पार्टी प्रवक्ता देवशरण भगत ने कहा कि हेमंत सरकार तानाशाही रवैया अख्तियार कर रही है। जन मुद्दों और जनता के सवालों को दबाना चाहती है। पार्टी कार्यकर्ताओं को विधानसभा घेराव के लिए आने से राज्यभर में रोका गया है। 20 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं को नोटिस भी दिया गया है। हेमंत सोरेन सरकार ने अपने सारे तंत्रों को लगा दिया है। भगत ने कहा कि मुख्यमंत्री के इशारे पर झारखंड पुलिस के अधिकारी चुन-चुन कर आजसू कार्यकर्ताओं को नोटिस भेज रहे हैं। यह नोटिस लगभग पूरे प्रदेश के कार्यकर्ताओं को दिया जा रहा है।

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