अनुपम खेर की माँ दुलारी खेर ने दी ‘द कश्मीर फाइल्स’ पर प्रतिक्रिया

अनुपम खेर सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते हैं और अक्सर अपनी माँ दुलारी खेर के वीडियोज फैंस के साथ साझा करते हैं। इन दिनों अनुपम खेर अपनी हालिया रिलीज फिल्म द कश्मीर फाइल्स को लेकर चर्चा में है। इस बीच अनुपम खेर ने अपनी माँ के एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह इस फिल्म पर अपनी प्रतिक्रिया देती नजर आ रही हैं।

वीडियो में अनुपम खेर की माँ कहती हैं -‘ पिक्चर बिल्कुल सही से बनाई है। अगर ये पिक्चर सही नहीं होती तो दुनिया नहीं देखती।’ इसके बाद वीडियो में अनुपम अपनी माँ से फिल्म के सक्सेस होने का कारण पूछते हैं। इसपर दुलारी कहती हैं- ‘यही करा है इन्होंने हमारे साथ। यही सच है… 10 बजे रात को आकर कहा…उठो उठो निकलो निकलो…अब पूरी दुनिया के सामने ये बात पहुंच गई कि आखिर क्या हुआ था । मेरे भाईयों के साथ क्या किया। वो आया शाम को और कहा बंद करो सब…वो रामबाग में रहता था।उसका पैलेस मकान था। उसी साल बनाया था। पानी के ऊपर बनाया था, कहता था मैंने तेरे लिए भी जमीन रखी है, कृष्ण के लिए भी। तुम मेरे पास ही यहां मकान बना लो। जब वो उस दिन शाम को आया तो उसको चिट्ठी मिली नीचे दरवाजे के पास- आज आपकी बारी है। उस बेचारे ने मकान के कागज नहीं उठाए, पासबुक नहीं उठाए, कुछ नहीं उठाया, ये बातें सुनकर वह टूट गया। कहता है मैंने इतने प्यार से ये मकान बनाया है, मैं बर्बाद हो गया, मैं क्या करूं अब।

इसके बाद जब अनुपम ने माँ से पूछा कि क्या वे वापस कश्मीर जाना चाहती हैं। इसपर दुलारी भावुक होकर कहती हैं- ‘मैं करन नगर में ही लूंगी मकान, मैं वहीं रहूंगी। मेरे बचपन का है, मेरे पति का है, मैं तो कहती हूँ कि भगवान एक-एक कमरे का ही मकान दे दे हम लोगों को, लेकिन हम वहीं रहेंगे।’

अनुपम रिफ्यूजी कैंप्स में रह रहे लोगों पर माँ से बात करते हैं। वे कहते हैं- ‘हम तो मम्मी फिर भी ठीक थे, पर बेचारे जो रिफ्यूजी कैंप्स में रहते थे उनका बुरा हाल था।’ यह सुन दुलारी कहती हैं- ‘जैसा दिखाया गया है ना वैसा ही है, बुढ़ियां रहती थीं, उन बेचारों को गर्मी बर्दाश्त नहीं हुई, वे मर गए वहीं, हजारों लोग मर गए उधर, वहां से निकलते निकलते। उनपर तरस खाना था, पर इन लोगों को तरस नहीं है।’

अनुपम आगे कहते हैं- मोहम्मद अब्दुल्ला शेख ने भी कहा है ना कि ये सब झूठ है। इसपर दुलारी साफ इनकार करते हुए कहती हैं- ‘ना ना झूठ एक आना भी नहीं है। जिसने ये पिक्चर बनाई उसे भगवान खूब दुआएं दें। पूरी हमारी कहानी दिखाई है। वो (आतंकी) कहते थे लड़कियों को, बहुओं को छोड़ दो तुम निकल जाओ। ये गलत बात है, ऐसा नहीं करना चाहिए था। आखिर 32 साल बाद ये नतीजा है, ये मामूली नहीं है, डरना चाहिए… एक प्रभु से डरना चाहिए और किसी से नहीं।’

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