अब झारखंड में भी होगा पन्ना का खनन, देश का पहला राज्य बना

चाइबासा। खनिज संपदा से परिपूर्ण झारखंड में एक बार फिर से बेशकीमती पन्ना (इमराल्ड) की खदान की नीलामी के लिए प्रयास तेज किये गये हैं। अगर सब कुछ ठीकठाक रहा तो मार्च 2022 तक सरकार पन्ना खनिज के दो ब्लाक की ई-नीलामी कर देगी और झारखंड देश का पहला राज्य बन जायेगा, जहां पन्ना की माइनिंग शुरू होगी।
10 हजार से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार
माइनिंग शुरू होने से कम से कम 10 हजार लोग रोजगार से जुड़ेंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था में भी सुधार आयेगा। अभी देश में कहीं भी इस खनिज की माइनिंग नहीं होती है। झारखंड के अलावा राजस्थान और आंधप्रदेश के कुछ हिस्सों में पन्ना मौजूद है। नीलामी को लेकर भूतत्व विभाग की टीम कर रही है जांच
सरकार ने कोल्हान के पूर्वी सिंहभूम जिला के गुड़ाबांदा में दूसरे खनिज ब्लॉक का जी-4 स्तर का भूतात्विक अन्वेषण का कार्य दोबारा शुरू किया है। इस बार भूतत्व विभाग की टीम ने पन्ना अयस्क से भरपूर बहुटिया और चुड़िया पहाड़ को अन्वेषण के लिए चुना है। ठंड के इस मौसम में जंगल इलाके में मौजूद पन्ना की खोज करने के लिए प्रोजेक्ट इंचार्ज ज्योति कुमार सतपथी के नेतृत्व में चार सदस्यीय भूतत्वेत्ताओं की टीम गुड़ाबांदा पहुंच गयी है।
टीम में भूतत्ववेत्ता अवनीश सिंह, सरवेश और संजीव कुमार शामिल हैं। टीम पूरे जनवरी माह में इस इलाके में घूम-घूम कर ड्रोन सर्वे, टोपोग्राफी मैपिंग, जियोलाजिकल मैपिंग के साथ-साथ नमूना संग्रहण का काम करेगी। दरअसल, बहरागोड़ा विधानसभा में पड़नेवाले पन्ना खनिज से भरपूर गुड़ाबांदा के विधायक समीर मोहंती ने सरकार से बहुटिया और चुड़िया पहाड़ पर अन्वेषण के लिए निवेदन किया था।
इलाके का हो रहा ड्रोन सर्वे
भूतत्व निदेशालय ने गुड़ाबांदा के बारुनमुठी और हड़ियान पहाड़ पर ड्रोन सर्वे, टोपोग्राफी मैपिंग, जियोलाजिकल मैपिंग के साथ-साथ नमूना संग्रहण का काम पूरा कर लिया है। सैंपल को कैमिकल एनालायसिस के लिए प्रयोगशाला में भेजा गया है। वहां से रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। सरकार बारुनमुठी, हड़ियान, बहुटिया और चुड़िया पहाड़ में प्रथम चरण में दो ब्लॉक बना कर ई-नीलामी की कोशिश में लगी है।
भूतत्व निदेशालय, रांची के निदेशक विजय कुमार ओझा बताते हैं, गुड़ाबांदा प्रखंड के बहुटिया और चुड़िया पहाड़ क्षेत्र में पन्ना खनिज का जी-4 स्तर का भूतात्विक अन्वेषण हमारे भूतत्ववेत्ताओं की टीम ने 7 जनवरी से शुरू किया है। अन्वेषण में कम से कम 15 दिन और अधिकतम एक माह का समय लगेगा। हमारी कोशिश है कि मार्च 2022 तक पन्ना के दो ब्लाक नीलाम कर दिये जायें। इससे प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से 10 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।

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